बिना बात लड़ाई झगड़ा करने वाले पड़ोसी की बोलती बंद कर देगा ये उपाय। आज ही कर लो #pulaksagar

 


बिना बात लड़ाई झगड़ा करने वाले पड़ोसी की बोलती बंद कर देगा ये उपाय। आज ही कर लो

ध्यान रखना जहां ना समझिए होती हैं वहां क्रोध हुआ करता है और जहां समझदारियां होता है पूरा परिवार है क्रोध का और पूरा परिवार हमारे परिवार को बहस नहीं तो कर देता है क्रोध से बचिए जीवन एक रंग भूमि है और क्रोध ऐसा है जो रंग भूमि को रणभूमि में परिवर्तित है कर दिया करता है जीवन को रंग भूमि रहने दो उसे रणभूमि मत बनाया ध्यान रखिए इंद्रप्रस्थ बना जीवन को कुरुक्षेत्र का मैदान है मत बनाया ध्यान रखिए सोचना है आपको क्रोध बहुत बड़ी समस्या है मां को शांत नहीं रहने देता मां में अशांति पैदा करता है क्रोध जब जाता है ध्यान क्रोध ऐसा पागलपन है तात्कालिक पावल पागलपन तत्काल का टिकट स्थाई पागलपन नहीं क्रोध तो तुरंत आता है जाता है तो आदमी को बेहोश कर देता है और जब जाता है तो पश्चात तप के आंसू देकर के जाता है क्रोध की यही पर रहती है जब भी शांत होगा तो पश्चाताप देकर के जाएगा क्रोध का यही स्वभाव हुआ करता है वही अंदर गैलिटी फूल कर के जाता है वह पश्चाताप देकर के जाता है मान्यवर मेरा आपसे निवेदन है झगड़ा कहां नहीं होते हैं कोई घर जिसमें झगड़ा नहीं होता अरे झगड़ा भी ऐसा वैसा नहीं बड़ा तगड़ा होता है मेरे भाई ध्यान रखें झगड़ा तो हर घर में है रोज रोज जहां कर बर्तन होंगे खटपट तो होगी हम कितना भी गला फाड़ है तुम्हारा आंसर वही रहेगा खटपट तो नहीं कसम का राखी है की हम नहीं सुधरेंगे हम भी सुधारने का ठेका लेकर के बैठे हम भी सुधारते रहेंगे और तुमने भी कसम खाई की हम सुधारने वाले नहीं मैं इतना मैं गला फाड़ रहा हूं 12 दिन हो गए फिर भी का रही है खटपट होगी ध्यान रखें खटपट मिटा ध्यान रखना खटपट मिट्टी जाए ना तो झटपट जीवन में सुख शांति है और तुम्हारा तो छोड़ो जय हो पंचम कल ये नीचे मेरे कमरे में बात भी ऐसे करते हैं जैसे तलवारे खींच गई हो मैं कहता हूं देखो कोई लाड रहा है क्या नहीं बोले नहीं हम सिक करके बहुत बढ़िया बहुत बढ़िया अब कुछ खाने की जरूर नहीं है ध्यान रखिए सोच रहे हैं आपको डिपेंड क्यों बाढ़ रहा है मालूम है आपको पहले संयुक्त परिवार होते थे एक घर में दर्जनों लोग रहा करते थे चाचा बड़े पापा थे मम्मी थे छोटी मम्मी थी बा थी सारे रिश्तेदार एक साथ एक घर के नीचे रहा करते थे ऐसा नहीं है की उसे समय क्रोध नहीं आता था उसे समय भी क्रोध आता था लेकिन अंतर इतना होता था की पहले यदि क्रोध आता था 100% क्रोध आया है गुस्सा आया है तो वह गुस्सा थोड़ा थोड़ा 10 10 ग्राम बट जय करता था थोड़ा चाचा के पास चला जाता था थोड़ा गुस्सा चाचा के पास चला जाता था बा के पास चला जाता था थोड़ा थोड़ा क्रोध बट जाता था एक कोई गुस्सा दिलाता था पप्पू को यहां दांत पड़ती थी चाचा उठा करके ले कोई बात नहीं दादा जी ने दादा मेरा बच्चा से लगा लेती थी क्रोध बाढ़ जाता था जल्दी शांत हो जय करता था अब अकाल परिवार बच्चे हैं हम दो हमारे बोलो दो बोल दो यार तुम तो नानू एक मत बोलो आदमी जैसे ही परिवार सीमित होता है क्रोध बढ़ते चला जा रहा है झगड़ा बढ़ते चले जा रहे हैं जहां तक मैं सोचता हूं जब संयुक्त परिवार थे तो इतनी तलाक नहीं हुआ गलती थी जब से एकल परिवार हुआ है तलाक़ों की लाइन ग गई है अब लड़े किस आदमी तो लड़ेगा देखना आदमी का स्वभाव तो लड़ना ही है और महिलाओं का स्वभाव तो यहां वाली नहीं सुन रही है सब लाइव में ध्यान रखना है

ध्यान रखना और होता ये है झगड़ा पति पत्नी में होता है पिता पत्ता जा रहा है उसे क्या लेना मिलता है आप ने भी दिया मां ने भी दिया लाड रहे तुम पति रहे फोकट में पिटारा एक बच्चा मेरे पास आया गली महाराज एक बात बताओ की आजकल की मम्मी आई इतना मारता क्यों मारती क्यों है बात बात पे तादाद तादाद टड मार दिया करती है मैंने कहा यार मुझे भी नहीं मालूम तो बोली फिर गे की महाराज तुम्हें अरे तो नहीं मैंने कहा मेरे आप मालूम है मालूम है बोले क्या मैंने कहा आजकल की मम्मी इसलिए मारती है की पहले भी झगड़ा होते थे सांस ने कुछ का दिया बहू को गुस्सा ए जाता था अब बच्चे को तो मार नहीं शक्ति थी क्योंकि दादाजी सामने खड़े थे बड़े पिताजी सामने खड़े थे चाचा सामने खड़े थे बा खड़ी थी भाभी आदमी लगाना ध्यान रखना बच्चे को नहीं मारना तो ये क्या करती थी गुस्सा तो बहुत आता था तो पहले के जमाने में भी लोग पनघट पे जाति थी कपड़े धोती थी बाथरूम में जाकर कपड़े धोती थी तो पहले वाशिंग मशीन तो चलती नहीं थी वो मोगरी से टी होती थी सर गुस्सा कपड़ा बुलवाना तो थोड़ी सी गुस्सा दिल दो सारे अब तो पीटना बच्चा ही नहीं है अब तो वाशिंग मशीन जब से वाशिंग मशीन आई है ध्यान रखना ऐसे ही होता है क्रोध ऐसे ही होता है ऑफिस में दुकान में तुम्हारा दिमाग खराब हो गया लोट कर के आए बड़े भन-भनाए आए गुस्सा में आए सर गुस्सा आके पत्नी पे निकाल देते हो और पत्नी क्या करें बेचारी उसको भी गुस्सा ए जाता है तुम 10 बात बोलते हो सर गुस्सा हो अपने पास नहीं रखती वो बच्चे पे निकाल दिया करती है बच्चा क्या करें ना आप को बोल सकता ना मम्मी को नौकरानी निकाल दिया करता है और नौकरानी क्या करें बेचारी वो किस पे निकले हैं वो जोर जोर से बर्तन मालती है मालती है पर चमक सर गुस्सा बर्तनों पे निकाल जाता है ध्यान जी दिन बर्तन वाली गुस्से में होगी इतनी आवाज आएगी बर्तन की धड़ा धड़ धड़ पटकने की ध्यान रखना सोना है आपको क्रोध बात हंसने की नहीं क्रोध का स्वभाव है वह हमेशा नीचे की तरफ जाता है ध्यान रखना क्रोध ऊपर नहीं जाता


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