जीवनसाथी का चुनाव केवल सुंदरता से न करें – पुलक सागर जी की अमूल्य सीख प्रस्तावना आज के समय में विवाह और रिश्तों को लेकर लोगों की सोच बहुत हद तक बाहरी आकर्षण पर टिक गई है। कोई गोरे रंग को महत्व देता है, कोई सुंदर चेहरे को, तो कोई धन-दौलत देखकर जीवनसाथी चुनता है। लेकिन क्या केवल सुंदरता और पैसे से जीवन सुखी बन सकता है? आचार्य श्री Pulak Sagar Ji ने अपने प्रवचन में इसी विषय पर गहरी सीख दी है कि जीवनसाथी का चुनाव केवल सुंदरता देखकर कभी नहीं करना चाहिए। 💭 सुंदरता अस्थायी है, संस्कार स्थायी हैं गुरुदेव बताते हैं कि रूप-रंग, गोरा चेहरा, आकर्षक व्यक्तित्व और धन-दौलत समय के साथ बदल सकते हैं। शरीर की सुंदरता हमेशा नहीं रहती, लेकिन व्यक्ति के संस्कार, व्यवहार और चरित्र जीवनभर साथ रहते हैं। यदि किसी व्यक्ति का स्वभाव अच्छा है, वह समझदार है, परिवार को साथ लेकर चलने वाला है, तो वही सच्चा जीवनसाथी बन सकता है। 🌸 केवल चेहरा देखकर निर्णय न लें बहुत लोग शादी के समय केवल यही देखते हैं: लड़की/लड़का सुंदर है या नहीं रंग गोरा है या नहीं कमाई कितनी है दिखने में कैसा है लेकिन ये बातें क...