जानिए कैसे पड़ा "महावीर" नाम? ~ Pulak Sagar Ji
महावीर कथा भाग-3: जब एक बालक ने पागल हाथी को शांत कर दिया | 🌟 क्या एक छोटे से बालक के सामने पागल हाथी भी शांत हो सकता है? कल्पना कीजिए... पूरा नगर भय से कांप रहा है। लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भाग रहे हैं। दुकानों के शटर गिर रहे हैं। रास्ते सुनसान हो चुके हैं। कारण? एक विशाल हाथी बेकाबू हो चुका है। लेकिन तभी एक छोटा सा बालक आगे बढ़ता है... न कोई हथियार, न कोई सेना, न कोई डर। और अगले ही पल वह हाथी उसके चरणों में झुक जाता है! यही बालक आगे चलकर पूरी दुनिया में भगवान महावीर के नाम से प्रसिद्ध हुआ। आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज की मधुर वाणी में सुनाई गई यह कथा केवल भगवान महावीर के बाल्यकाल की कहानी नहीं, बल्कि जीवन को बदल देने वाली प्रेरणा है। 👶 भगवान भी मां की गोद से ही आते हैं आचार्य श्री बताते हैं कि चाहे कोई कितना भी महान क्यों न हो, इस संसार में आने के लिए उसे मां की कोख का मार्ग ही चुनना पड़ता है। भगवान राम कौशल्या की कोख से आए। भगवान कृष्ण देवकी की कोख से आए। भगवान महावीर माता त्रिशला की कोख से आए। यही प्रकृति का शाश्वत नियम है। लेकिन मह...