द्रौपदी चीरहरण का रहस्य जिसे दुनिया आज भी नहीं जानती
द्रौपदी चीरहरण का रहस्य जिसे दुनिया आज भी नहीं जानती ~ आचार्य श्री पुलक सागर जी का संदेश | जीवन में सफल वही व्यक्ति होता है जो समय आने पर झुकना जानता है। जो व्यक्ति केवल अकड़कर जीता है, वह एक दिन टूट जाता है। आचार्य श्री पुलक सागर जी ने अपने प्रेरणादायक प्रवचन में झुकने की कला, विनम्रता, सेवा भाव और अहंकार छोड़ने की सीख बहुत सुंदर ढंग से दी। 🙏 झुकने का महत्व गुरुदेव कहते हैं कि अकड़ मुर्दे की पहचान है। जो जीवित है, उसमें लचीलापन होता है। जैसे नदी में बाढ़ आती है, तो जो बड़े-बड़े पेड़ अकड़कर खड़े रहते हैं, वे जड़ से उखड़ जाते हैं। लेकिन जो लताएं और छोटे पौधे झुकना जानते हैं, वे बच जाते हैं। 👉 यही जीवन का नियम है। जो समय के साथ झुकना सीखता है, वही सुरक्षित रहता है। 🌟 सच्चा बड़प्पन क्या है? मनुष्य शरीर से नहीं, मन से बड़ा होता है। आज लोग पद, पैसा और शक्ति से बड़ा बनने की कोशिश करते हैं, लेकिन असली महानता विनम्रता में है। आचार्य श्री ने सम्राट अकबर का उदाहरण दिया। जब अकबर दान देते थे, तो आँखें नीचे रखते थे। किसी ने पूछा ऐसा क्यों? उन्होंने कहा: देने वाला मैं नहीं...