महावीर कथा भाग-5: मोह और क्रोध से मुक्ति का मार्ग | आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज
🌸 क्या जीवन की भागदौड़ में शांति खो गई है? आज का मनुष्य धन, पद और सुविधाओं के पीछे दौड़ रहा है, लेकिन फिर भी भीतर बेचैनी, तनाव और असंतोष बना हुआ है। हर कोई सुख चाहता है, परंतु शांति नहीं मिलती। आखिर इसका कारण क्या है? आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज इस दिव्य प्रवचन में बताते हैं कि जीवन के अधिकांश दुखों का मूल कारण मोह (आसक्ति) और क्रोध (गुस्सा) है। जब तक मनुष्य इन दोनों बंधनों से मुक्त नहीं होता, तब तक वास्तविक सुख और आत्मिक शांति प्राप्त नहीं कर सकता। ----------------------------------------------------------------------------------------------------------------------------- 🙏 मंगलाचरण और भक्ति से हुई पावन शुरुआत कार्यक्रम का प्रारंभ अत्यंत श्रद्धा और भक्ति के वातावरण में हुआ। हस्त शुद्धि, तिलक, पूजन और विभिन्न धार्मिक विधियों के माध्यम से भक्तों ने भगवान महावीर के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की। पूरे वातावरण में भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा था। ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो प्रत्येक भक्त अपने मन को सांसारिक चिंताओं से हटाकर आत्मा की ओर मोड़ने का प्रयास कर रहा हो। -...