घर को बुरी नजर से बचाने के लिए क्या करें? जानिए संतोष और सकारात्मक सोच का रहस्य | आचार्य श्री पुलक सागर महाराज जी प्रवचन आज का इंसान बाहर से जितना समृद्ध दिखाई देता है, अंदर से उतना ही बेचैन है। बड़े घर, धन-दौलत, गाड़ी, बैंक बैलेंस सब होने के बाद भी मन अशांत है। आखिर क्यों? इसी गहरे प्रश्न का उत्तर आचार्य श्री पुलक सागर महाराज जी ने एक सेठ की प्रेरणादायक कहानी के माध्यम से दिया। यह कथा केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि हर उस इंसान की कहानी है जो सब कुछ होने के बाद भी सुखी नहीं है। इस प्रवचन में गुरुदेव ने बताया कि दुख का कारण गरीबी नहीं, बल्कि गलत सोच है। सुख का कारण अमीरी नहीं, बल्कि संतोष है। गलत विचार पूरी जिंदगी बदल देता है आचार्य श्री पुलक सागर महाराज जी कहते हैं कि मन में आया एक गलत विचार पूरी जिंदगी को नर्क बना सकता है। कई बार व्यक्ति के पास सब कुछ होता है, लेकिन एक नकारात्मक सोच उसे बेचैन कर देती है। अगर मेरे पास और पैसा होता... अगर मेरे पास बड़ा घर होता... अगर मेरे बच्चे ऐसे होते... अगर मुझे और सम्मान मिलता... इसी “अगर” ने मनुष्य का सुख छीन लिया है। गुरुदेव समझाते ...