भगवान महावीर जन्म कल्याणक की अद्भुत कथा | प्रेम, भक्ति और रिश्तों का दिव्य संदेश | Pulak Sagar Ji
🌸 भगवान महावीर जन्म कल्याणक – प्रेम, भक्ति और रिश्तों को जोड़ने वाला दिव्य संदेश जब भगवान महावीर का जन्म हुआ, तब केवल एक बालक का जन्म नहीं हुआ था… धरती पर करुणा, प्रेम, अहिंसा और आत्मजागरण का सूर्योदय हुआ था। 🙏 आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज ने अपने भावपूर्ण प्रवचन में भगवान महावीर के जन्म कल्याणक का ऐसा जीवंत वर्णन किया कि पूरा वातावरण भक्ति और भावनाओं से भर उठा। यह केवल कथा नहीं थी… यह प्रेम, रिश्तों, परिवार, भक्ति और आत्मा को समझने की एक दिव्य यात्रा थी। ❤️ प्रेम छिपाने की नहीं, व्यक्त करने की चीज है महाराज श्री ने प्रवचन में एक बहुत गहरी बात कही— “प्रेम छिपाने से खत्म होता है, और लुटाने से बढ़ता है।” आज का इंसान अपने भीतर प्रेम तो रखता है, लेकिन उसे व्यक्त नहीं करता। हम गुस्सा जल्दी दिखा देते हैं, लेकिन प्यार जताने में संकोच करते हैं। आचार्य श्री ने बड़े सरल शब्दों में कहा— पत्नी से कहो कि तुम मेरी जरूरत हो मित्र से कहो कि तेरे बिना जीवन अधूरा है परिवार को महसूस कराओ कि वे आपके लिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि संसार हर समय हमारे मन को पढ़ नहीं सकता। 🏡 र...