इंसानियत का असली अर्थ - Pulak Sagar Ji
खुशकिस्मत कौन है? धनवान नहीं, सेवाभावी इंसान आज के समय में लोग खुशकिस्मती का मतलब धन-दौलत, बड़ा घर, गाड़ी और नाम समझते हैं। लेकिन आचार्यश्री Pulak Sagar Ji ने अपने प्रेरक प्रवचन में बताया कि असली खुशकिस्मत इंसान वह नहीं जिसके पास पैसा है, बल्कि वह है जो दूसरों के काम आता है और जरूरतमंदों का सहारा बनता है। यह प्रवचन हमें इंसानियत, सेवा और व्यावहारिक धर्म का वास्तविक अर्थ समझाता है। 🙏 इंसानियत का असली अर्थ आचार्यश्री कहते हैं कि मनुष्य होने का अर्थ केवल अपने लिए जीना नहीं है। यदि हमारा जीवन किसी और के चेहरे पर मुस्कान ला सके, किसी दुखी व्यक्ति का दर्द कम कर सके, तभी हमारा जीवन सार्थक है। दूसरों की मदद करना, किसी जरूरतमंद को सहारा देना, पीड़ित मानवता की सेवा करना — यही सच्ची इंसानियत है। 🌟 सेवा ही सबसे बड़ा धर्म बहुत लोग सोचते हैं कि धर्म केवल पूजा-पाठ, मंदिर जाना या माला फेरना है। लेकिन आचार्यश्री ने बताया कि सबसे बड़ा धर्म सेवा है। जो हाथ दूसरों के घावों पर मरहम लगाते हैं, जो किसी भूखे को भोजन देते हैं, जो किसी परेशान इंसान का सहारा बनते हैं — वही हाथ सबसे पुण्यवान है...