🌼अक्षय तृतीया: क्यों है शुभ दिन
अक्षय तृतीया अक्षय तृतीया केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि विश्वास, आस्था और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक है। “अक्षय” का अर्थ होता है – जो कभी खत्म न हो, और “तृतीया” यानी वैशाख माह की तीसरी तिथि। इस दिन किया गया हर शुभ कार्य, दान-पुण्य और निवेश अनंत फल देता है — ऐसा हमारे शास्त्रों में माना गया है। क्यों है यह दिन इतना खास? अक्षय तृतीया को बिना किसी मुहूर्त के शुभ माना जाता है। यानी इस दिन आप कोई भी नया काम शुरू कर सकते हैं — चाहे वह घर खरीदना हो, सोना लेना हो या कोई नया व्यवसाय शुरू करना। मान्यता है कि इसी दिन माता लक्ष्मी और भगवान विष्णु की कृपा विशेष रूप से प्राप्त होती है। इसलिए लोग इस दिन पूजा-अर्चना करके अपने जीवन में सुख-समृद्धि की कामना करते हैं। जैन धर्म में अक्षय तृतीया का महत्व अक्सर लोग अक्षय तृतीया को सिर्फ सोना खरीदने से जोड़ देते हैं, लेकिन जैन धर्म में इस दिन का महत्व कहीं ज्यादा गहरा और आध्यात्मिक है। 🪔 क्या हुआ था इस दिन? कहा जाता है कि भगवान ऋषभदेव ने जब संसार त्यागकर तपस्या शुरू की, तब उन्हें यह नहीं पता था कि “भिक्षा” कैसे ली जाती है। उन्होंने लगातार एक वर्ष तक उपव...