भगवान महावीर की दिव्य यात्रा – आत्मा से परमात्मा बनने का मार्ग जब भी भगवान महावीर स्वामी का नाम लिया जाता है, तब त्याग, तप, अहिंसा और आत्मज्ञान की छवि मन में उभर आती है। आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज ने अपने प्रेरणादायक प्रवचन में भगवान महावीर के जीवन, उनके पूर्व जन्मों और आत्मा की अनंत संभावनाओं पर गहरा प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि हर आत्मा के भीतर परमात्मा बनने की क्षमता मौजूद है। जरूरत केवल सही दिशा, सही पुरुषार्थ और सच्चे भाव की होती है। 🙏 एक भील की कहानी जिसने बदल दिया जीवन प्रवचन में महाराज श्री ने एक भील की प्रेरणादायक कथा सुनाई। वह भील हिंसा और पाप के मार्ग पर चल रहा था। उसका जीवन क्रोध, शिकार और गलत कर्मों में बीत रहा था। लेकिन एक दिन उसकी मुलाकात एक मुनिराज से हुई। मुनिराज के शांत व्यवहार और उपदेशों ने उसके हृदय को बदल दिया। धीरे-धीरे उसने हिंसा का मार्ग छोड़ दिया और अहिंसा को अपनाकर अपना जीवन बदल लिया। इस प्रसंग के माध्यम से आचार्य श्री ने समझाया कि— “मनुष्य की संगति और विचार ही उसके भविष्य का निर्माण करते हैं।” यदि संगति अच्छी हो, तो पत्थर जैसा कठो...