ईरान–इज़राइल युद्ध के बीच मानवता का संदेश | आचार्य पुलक सागर जी के विचार
🌍 वर्तमान समय और एक जरूरी सवाल आज दुनिया एक बार फिर युद्ध की आग में जल रही है। Iran–Israel conflict जैसे हालात हमें सोचने पर मजबूर करते हैं— 👉 क्या मानवता अब भी ज़िंदा है? 👉 क्या हम सिर्फ ताकत और बदले की भाषा ही समझते हैं? ऐसे समय में आचार्य श्री पुलक सागर जी के विचार हमें एक नई दिशा दिखाते हैं। भारतीय संस्कृति: दुश्मन में भी इंसान देखना गुरुदेव ने एक घटना सुनाई— द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान एक भारतीय सैनिक ने घायल दुश्मन (जापानी सैनिक) की मदद की। यह केवल एक कहानी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति का सार है। 👉 जहाँ दुनिया दुश्मन को खत्म करने की सोचती है, 👉 वहीं भारत उसे भी इंसान मानकर मदद करने की सीख देता है। आज के युद्ध जैसे हालात में यह संदेश और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। 🪙 असली संपत्ति क्या है? गुरुदेव ने बताया कि भारत को “सोने की चिड़िया” इसलिए नहीं कहा गया कि यहाँ सोना था, बल्कि इसलिए कि यहाँ संस्कार, आदर्श और धर्म थे। 👉 आज भी युद्धों में देश हारते-जीतते हैं 👉 लेकिन असली जीत उसी की होती है जिसके पास मानवता और मूल्य होते हैं 🛡️ राष्ट्रवाद का सही अर्...