स्त्री पुरुष में कौन ज्यादा समझदार होता है, स्त्री श्रेष्ठ है या पुरुष किसकी इज्जत ज्यादा है
स्त्री पुरुष में कौन ज्यादा समझदार होता है, स्त्री श्रेष्ठ है या पुरुष?? किसकी इज्जत ज्यादा है
दूसरे घर का ध्यान रखना बा के एक घर के खून को बंद दिया करते हैं मुझे क्षमा करें बात सच है गलत नहीं है छोटी है ऐसा क्या जीवन में घाट गया कल तक तो एक थाली में भी का लेते थे अरे जी आप ने इस घर को कर बेटियों को पालपोश करके विवाह करके विदा कर दिया उसे समय घर छोटा नहीं लगा एक बहू की आई है वो कहती है की मकान छोटा है उनके लिए मकान छोटा नहीं लगा एक क्या शहजादी ए जाति है उसे मकान छोटा लगता है मान्यवर एक परिवार की चर्चा कर रहा हूं मैं ध्यान एक खून ऐसा ए जाता है हमारे घर में [प्रशंसा] जो हमारी खून को बांट देता है भाई भाई के खून तो एक ही हुआ करते एक पराया कोना आता है एक बात का दुख तो तब होता है की जी खून को बड़े बजे गाजर के साथ विवाह करके लेट हैं एक बात याद रखना वो खून जो शादी करके घर में आता है मैं कहता हूं वह खून ऐसा पराया खून है वो कभी इस घर को अपना घर नहीं समझ पता है कभी इन मां-बाप को अपना मां आप नहीं समझ पता है कभी देवरा को भाई नहीं समझ पाती है कभी नंद को बहन नहीं समझ पाती है वो हमेशा दूरियां बना करके रहा करती है एक बात याद रखना यदि इस घर को अपना घर मां लिया होता तो आज ये दशा घरों की होने वाली नहीं थी एक बात स्मरण में रखना यदि ये घर तुमने अपना घर माना होता तो कभी तुम अपने पति से ये नहीं का रही होती शाम को जब वो थक हर लोट कर के आता है भजन करता है कमरे में जाता है वहां पर शिकायतों की लिस्ट तैयार रहा करती है तुम्हारी मां ने मुझे ऐसा कहा तुम्हारे पिताजी ने मुझे ऐसा कहा तुम्हारे भाई ने मुझे ऐसा कहा क्या करें वो वो बिचारा वो लड़का पत्नी का हो पता है ना मां का हो पता है ना परिवार का हो पता है ना वो इधर कुछ बड़ा है ना उधर कुछ बोले पहले तो कहा जाता था की बेटियां जाकर ससुराल में दुखी होती है वो कर लोगों को दुख बता देती है लेकिन यह कुंवारे छोरे जब शादी सुदा हो जाते हैं ना मां का पक्ष लेते हैं तो पत्नी आंख दिखाई है और पत्नी का पक्ष लेते हैं तो मां आकर स्थिति बहुत गंभीर है लेकिन नियंत्रण में है जब तक पलक सागर मौजूद हैं तब तक नियंत्रण में स्थितियां रहेगी आपके घरों की बहुत परेशान जब वो बेटा समझता है की मां बुद्धि है बुजुर्ग है कोई बात नहीं का दिया तो का दिया क्या होता इसमें क्या बड़ा मानना सुनो मां तुम्हारी है तुम सुनो हम सुनने वाले नहीं एड श्री महाभारत प्रस्तुत करता गोदरेज जानवर की वहीं से महाभारत शुरू हो जाएगा करके उन्होंने कहा महाराज हमें एक कर दीजिए मेरे को तुम तो एक हो बोले हम दिल से तो एक है लेकिन हम एक साथ रहने नहीं सकते हैं
एक दूसरे के साथ बैठना पसंद नहीं करते हैं बात करना पसंद नहीं करते हैं और उसका दुष्परिणाम भाइयों के जीवन में दिखा करता है हमने सभी लोग देखें हैं सूरत वालों की एक बड़े पिताजी अपने भतीजे को यदि ₹100 भी देते हैं ना तो पत्नी से छुप-छुप के दिया करते हैं पत्नी को पता नहीं चलना चाहिए एक भतीजा जब अपने तू के पास जाता है यदि उसे कुछ लेना है ना तो चुप करके मैंने ऐसे भी घर देखें हैं की 30 त्योहार पर भी बहू बेटियां जब आई हैं सावन मनाने जब बेटी आई है ना तो एक माता-पिता चुप-छुप कर बच्चों से अपनी बेटियों को उभर दिया करते हैं उन्हें मिठाई दिया करते हैं उन्हें साड़ी दिया करते हैं बड़ा भाई कहता है देख तेरी भाभी को पता ना चल जाए चुपचाप इसे रख ले बहनों ऐसे भी माहौल बन गए हमारे घरों में की हमें छुप-छुप कर व्यवहार निभाना पढ़ने हैं चुप चुप कर मिलन पड़ता है उन तीनों भाइयों ने कहा की आज हम आपके चरणों में आए हैं महाराज हम छिप-छिप करती ना आए हैं हमारी पटिया नहीं चाहती हैं की हम एक साथ बैठे हैं हमारी पटिया नहीं चाहती हैं की हम भाइयों में प्रेम होना चाहिए पहले तो वो समय था की बड़ा भाई कुछ बोल दे तो छोटा भाई चुप हो जाता था और आज महाराज जब मैं चुप होता हूं ना तो मेरी पत्नी मुझे कहती है की अब नहीं बोलोगे बुद्धू राम तो कब बोलोगे जिंदगी ऐसे ही गुर्जर डॉग अपने बड़े में कुछ नहीं सोचना है सब भाइयों का करते रहोगे इतने उलहाने मिलते हैं बहू से मेरा निवेदन है एक निवेदन स्वीकार करो एक बात बताना ईमानदारी से जब जब सावन आता है ना किसकी याद आई है एक बार ईमानदारी की याद आई है ना भाई से मिलने का मां करता है ना की जाकर के उसे राखी बंद डन रक्षाबंधन पर हर साल 6 महीने में कर महीने में छह महीने में मां करता है की भाई से बात कर लूं कर छह महीने तो बहुत अब तो मोबाइल है ना तो रोजी रोज बात होती है सुबह शाम बात हो जय करती है भैया से बात कर लो भाभी से बात कर लूं कितना मां करता है अपने भाई से मिलने का देवियों जरा इतना बता दो जब दूर पीहर में तुम्हारा भाई राहत है हर त्योहार में मिलने का मां करता है भाई से बात करने का मां करता है उसे उपहार देने का मां करता है तो एक बात इतनी तो बता दो इनका भी तो भाई है कोई दुश्मन नहीं है इनका भी तो मां करता होगा अपने भाई से मिलने का इनका भी दिल करता होगा अपने भाई से मिलने का अरे जैसे तुम्हारा भाई है वैसे इनका भी भाई हुआ करता है नफरत के बीच मत बोलिए किसी घर को स्वर्ग बनाना है मंदिर में एक बात रखना जो घरों का बंटवारा करती है वो बहू होती है और जो घरों को एक करती है वो बहुरानी हुआ करती है उसे ग्रह लक्ष्मी कहकर के बड़ा जाता है ये इल्जाम तुम्हारे सर पर ए रहा है की पत्तियों ने आकर दो भाइयों को जुड़ा कर दिया कभी अपने मकान की दीवारों पे कान लगा के सुना उन दीवारों से आवाज आई है वो दीवारों आपस में बात करती हैं की हम कर दीवारों ने एक छठ को बंद रखा है हम कर दीवारों ने एक घर को जोड़ के रखा है हम खड़े रहते हैं बनाने वाला बिखर जाता है
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