अपने आप को बदकिस्मत समझने वाले लोग जरूर सुनें गुरुजी की ये सत्य घटना। खुल जायेगी बंद किस्मत आपकी 😭
अपने आप को बदकिस्मत समझने वाले लोग जरूर सुनें गुरुजी की ये सत्य घटना। खुल जायेगी बंद किस्मत आपकी 😭
अब कहां जा रहा है की लक्ष्मी आने लगे तो ज्यादा लोग पाप का आप लोग हैं तो क्रोध भी होगा लोग हैं लोग हैं तो राज देश भी होंगे लोग हैं तो प्रपंचमी होंगे जहां लोग हैं तो आदमी किसी की हत्या करता है लोग के करण ही तो आदमी झूठ बोला करता है लोग के करण ही तो आदमी चोरी करता है लोग के करण ही तो आदमी परिग्रह जोडा है लोग से बच्ची मेल ऐसा है छाती से लगाने को मां करता है का देना बहुत मुश्किल है पैसे के दिन तुम करोगी क्या पैसा नहीं तो कुछ भी पैसा नहीं होगा तो धर्म भी कैसे करोगे पैसा नहीं तो मूर्ति कहां से लगे पैसा नहीं तो मंदिर कहां से बनोगे पैसा नहीं पैसा नहीं होगा तो बड़े धड़क की नसिया बनेगी कैसे पैसों से ही तो बंटी है ना ध्यान रखा था मैं पैसों का विरोधी नहीं हूं पैसा होना चाहिए पैसा नहीं तो सब दर्द है पैसा नहीं तो विवाह नहीं पैसा नहीं तो परवाह परिवार नहीं पैसा नहीं तो व्यापार नहीं पैसे बिना कोई जय जीने नहीं करता मेरे भाई पैसे बिना डॉक्टर भी दवाई नहीं करता पैसे बिना दो रोटी को भी खाने नहीं मिलता और तो और अजमेर वालों यदि गांधी जी ना हो तो बाजार में एक कप चाय भी नहीं मिलती है ध्यान रखें बिना पैसे की दुनिया में शादी के त्योहार के फ्री में मजा ए रहे हैं ईरान तुम्हारी फ्री फंड में आया है उमेश कालिया भिंड वाला मसाला है मेहनत करो नोट नहीं लगा लगा मेरे भाई ले हमें तीन बैठे हैं दो बार सुबह दोपहर शाम जब देखो जब बोल रहा हूं मिला क्या बाबा जी का कोई कमी रखा है बोलो जो धन की बुराई करते हैं धन कभी बड़ा नहीं होता परोपकार कैसे करोगी यदि पैसा नहीं होगा पैसा मैं विरोध नहीं करूंगा मैं तो आशीर्वाद देता हूं की मैं नंगा र लूं लेकिन मेरी समाज नॉन नहीं होना चाहिए तो आशीर्वाद देता हूं सबकी झोलियां भारी होना चाहिए मैं तो आशीर्वाद देता हूं तो मनी भी ए जैन तोहार दान का सौभाग्य प्राप्त कर क्यों कहूं मेरी समाज कंगाल हो जाए नहीं तो जोड़ियां भारी रहे हरे रहो हरे रहो ये दुआएं में तुमको प्रधान करता हूं दास लक्षण पर पर आज तो जल गए लाल दिया ऐसा बा भरे परीक्षा दुआ देता हूं तुम्हें किसी के सामने हाथ फैलाने की जरूर ना पड़े इतनी संपदा में क्यों नहीं दूंगा दुआएं एक कुत्ता भी रखी सुखी रोटी खाता है ना तो मलिक का भला सोचता है मैं तो मनी हूं गी लगी रोटी खाता हूं बड़े प्यार से खाता हूं तुम्हारी उन्नति की सो चना है आपको मैं बिना जी के का लूंगा तुम गी लगी रोटी खाओ
मैं बिना मकान के र लूंगा तुम्हारी बड़ी-बड़ी हवेलिया कोठियां बन्ना चाहिए मैं पैदल चलूंगा पैसा पूरा नहीं है पैसे की तो तीर्थ नहीं बनेगा बना लो जिन शासन बना लो नारेली बना लो जींस बनेगा अयोध्या लेकिन एक बात याद रखो जोड़ो भगवान ने जोड़ने को माना नहीं किया है अरे माना क्या नहीं किया मेरे महावीर ने तो इतना आशीर्वाद दिया है की मेरी समाज में पैदा होने वाला कभी भीख नहीं मांग सकता है की जिनेंद्र भगवान की कृपा होती है कभी कोई जेनी भिखारी दिखाई नहीं देगा अरे रिक्शा चला लगा मेहनत कर लगा मजदूरी कर लगा नहीं तो तुम लेकर ही आते हो इस समाज में पैदा होते ही इतनी ताकत तो लेट हो की काम के खास सकते हो ध्यान रखिए इतने भगवान की शरण का फल है एक मुट्ठी चढ़ते हो बुरे भर भगवान घर में पहुंच दिया करता है
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