सभी प्रकार की चाहत और चिंताओं को हमेशा के लिए मिटाकर सुखी बना देगी ये वीडियो। पति-पत्नी जरूर सुनें


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आप बाइक नहीं ए जाति है हर चीज नहीं ए जाति है बाजार में जो हर चीज नहीं मिलेगी टेंशन नहीं मिलेगी डिजाइन नहीं ए जाएगी ज्वेलरी नहीं मिल जाएगी आभूषण नहीं मिल जाएंगे कितना बटर कर लगे अपने घर में ध्यान रखिए कहानी तो बोलो की बस अब जो भी है वह लेकिन आदमी की आदत है उसे कितना भी मिल जाए और चाहिए और चाहिए एक आदमी शादी करने के बाद पास्ता आता है ना एक शादी के बाद पछताते और एक मोबाइल लेने के बाद पछताते है दोनों यह सोचते की यार थोड़ा और रुक जाते तो नया मॉडल मिलता समझ गए क्या आदमी सोचता यार थोड़ा और रुक जाता इससे अच्छा नया मॉडल मिल जाता मुझे ध्यान रखना ये मॉडल कभी भी पूरे होने वाले  एक बाल्टी केन में जाति है केन में बाल्टी जाति है डब जाति है ऊपर खींचना है बाल्टी खाली की खाली लोटा दे गहरा कुआं बाल्टी दाल रहा है पानी में बाल्टी भारी नहीं रही है ऊपर खींचना है तो खाली हो जाति है तो ऐसा लगता है की बाल्टी भर गई है ध्यान रखना लेकिन बाल्टी खाली की खाली ही वापस लोटा करती है आदमी परेशान हो गया सुबह से शाम केन में दाल रहा है बाल्टी निकाल रहा है दाल रहा है निकाल रहा है बाल्टी खाली की खाली लोट कर आई है और एक बात याद रखो बार-बार केन में बाल्टी डालता है हाथ भर जाते हैं लेकिन बाल्टी नहीं भारत करती है बाल्टी खाली की खाली मैं वहां से निकाला मैंने कहा क्यों रे भाई क्या कर रहा है तू एक घंटे से देख रहा हूं बोले महाराज देखो ना लिखूंगा बड़ा बदतमीज है एक कुआं बड़ा बेवकूफ है मैंने कहा क्यों बोले अमीरों की बाल्टी भरत है और हम गरीबों की बाल्टी नहीं भारत करता है की अमीरों का भर दे और गरीबों का ना भरे बोले देखो मेरे रहते रहते 50 लोग पानी भरकर के ले गए सब के खड़े भर दिए लेकिन मेरा खाली का खाली पड़ा है इनका ऐसा कैसे ऐसा कुआं तो नहीं हो सकता है दुनिया में इनका इधर दिखाओ क्या बात है मैंने केन में झांक करके देखा वो जब झांक करके देखा मैंने कहा बाल्टी ऊपर खींच बाल्टी ऊपर खींची तो खाली की खाली लोट आई मैंने कहा ऐसा कैसे हो गया बोले आप बताओ कैसे हो गया इनका बाल्टी दिखाओ और जैसे ही बाल्टी दिखाई उसके नीचे पैदा नहीं था ध्यान रखना है अरबी बिन पहने की बाल्टी पुरी जिंदगी भी पानी में डालो तो भरने वाली रस्सी थी हैंडल डा नीचे उसके पैदा नहीं था जिनका पागल कुआं तो छोड़ छोटी सम पोखर भी तेरी बाल्टी भर सकता है सर से है की पैदा लगा ले मान्यवर आप कहेंगे कैसा पागल आदमी था बिना पेंदे की बाल्टी भर रहा था वो आदमी कोई और नहीं आदमी वो हम सब हैं यहां बैठे हुए हैं हमारी जीवन के मां की फटी बाल्टी में संतोष का पैदा नहीं है इसलिए बाल्टी खाली की मैं तो कहता हूं मां की फटी बाल्टी में संतोष का पैदा लगा लो आनंद में परिवर्तित नहीं बदलते आदमी एक बार नारद औरंगाबाद अब ए गए तो ए गए मैं भी दूसरी जगह क्यों भेजूं औरंगाबाद ही बुलाऊंगा जहां र रहा हूं वही बुलाओ ना नारद जी को औरंगाबाद जरा उसका औरंगाबाद का एक भिखारी राजा बाजार मंदिर के सामने खड़ा है सुबह-सुबह भीख मांगने के लिए कुछ दे दो कुछ दे दो कुछ दे दो सुबह-सुबह उसकी किस्मत कहो या बदकिस्मती कहो सुबह ग्राहक मिला वो भी बाबा बैरागी मेला ये क्या देगा मुझे पहले कस्टमर है आज सुबह बिगड़ा रहा है लेकिन मिला है तो मांगना तो पड़ेगा बोले वरदान वरदान तो छोड़ो मैं संतोषी प्राणी हूं औरंगाबाद में ज्यादा हाय-हाय नहीं होती है हमारे पास जो है हम उसमें सुखी रहते हैं अरे बोले ज्यादा ज्ञान मत बन जा ज्ञान गंगा में सुन लूंगा तू अपना मामला बता की क्या है क्या कहना छह रहा है बोले कहना ये छह रहा हूं मैं सुबह-सुबह भीख मांगने में इकला हूं मेरा भिक्षा पत्र भर दिया लड़ने का पागल दिमाग नहीं है तुझ में से मांग रहा और इतना सा कटोरा इतनी से कटोरा को का रहा की इसको बोर्ड बोले नारद जी एक बात ध्यान रखना कटोरा फूल भरना भी नहीं भर सकता है मेरा कटोरा भर सकता हूं मेरे पास कुछ नहीं है तो बोले कैसे भरेगा तो बोले चलो मैं तुमको इंद्रसभा में ले सकता हूं कुबेर के पास ले जा सकता हूं इंद्र के पास ले जा सकता हूं भिखारी ने कहा चलो बोले चलो अरे यार भिखारी ने कहा की मारोगे तो नहीं बोले क्यों बोले स्वर्ग जान से पहले तो मरना पड़ता है बोले नहीं आज सुबह सुबह तू मिला है मैं तुझे जीते जी स्वर्ग ले सकता हूं जैसे ही स्वर्ग ले गए इंद्र महाराज वहां बैठे थे इंद्र ने कहा की क्यों भाई नारद तुम आए तो आए औरंगाबाद का आइटम क्यों उठा करके ले आए हो ये आदमी को यहां लेकर के क्यों ए गए हो अरे नारद बोले सुबह-सुबह मिल गया इसको दर्शन का फल दे दीजिए अरे बोले क्यों लाया इस आदमी को लेक क्यों आया उसको जल्दी वापस भेज मतलब क्या है बोलिए आदमी यदि स्वर्ग में र गया तो 24 घंटे में नरक में बादल देगा ध्यान रखिए इसको नीचे फेंका नीचे बिल्कुल ये मृत्यु लोक में रहने वाला स्वर्ग में कैसे ए गया नारद ने कहा जल्दी भगाना है बोले हां बिल्कुल जल्दी आदमी यहां हो नहीं नहीं इंसान यहां नहीं होना तो बोले क्या करना है बोले इसका कटोरा भर दो यार बहुत भूख है इंद्र महाराज दे दो गरीब है बेचारा दरिद्रता मित दो इसके हैं तो इन्होंने कहा इसके लिए यार तू यहां के को लेकर के आया है यहां लाने की क्या जरूर थी वही किसी औरंगाबाद वाले को सेट कर लेट टीवी कासलीवाल के यहां भेज देता इतना सा कटोरा तो वही भर के रख देते और नहीं मिलता तो वहां भी पार्टी नहीं की हां भेज देता वही कटोरा बढ़ते और कोई ना भरे कश्मीरा तो भर ही देता है कटोरा ध्यान रखिए बोले वहां ले जो वहां भारत देते कटोरा ललित जी बोल रहे हम कोई कम है क्या हमारे यहां क्यों नहीं भेज रहे हो विचार करिए तू इसको यहां लेकर के क्यों आया इस कटोरा के लिए अरे नारद बोले समय बर्बाद मत करो दे दो ना इसको आपके भंडार में क्या कमी है बेकार ही नहीं गए ध्यान रखना डाला फिर काली कहते हैं पांच से 10 घंटे हो गए वो कटोरा भारी नहीं था भारी नहीं रहा डेल जा रहे हैं डेल जा रहे डेल जा रहे हैं नारद को तो पसीने आने लगे नारद ने कहा यार इंद्र महाराज तुमने सही कहा था मैं तो उपद्रव लेकर के ए गया हूं बी कटोरा में कोई होल कर रखा है टुकड़ा छेद कर रखा है जो नीचे गिरी जा रहा है गिरी जा रहा है ये कटोरा बोले देखो नाराजगी मैंने कहा था मेरा कटोरा फूल होना चाहिए वो बिना फूल हुए अब मैं यहां से जान वाला नारद ने कहा परंतु उन्हें कौन सी फैक्ट्री से बनवाया यह कटोरा दाल दिया थल के थल भर कर के तेरा कटोरा भरत ही नहीं है इधर दिखा ते रहते बोले नहीं कटोरा नहीं दूंगा जिंदगी तो कटोरी में है मेरे अरे बोले फिर भी दिखा तो कौन सी कंपनी है कौन सा इस आसमान का तूने कटोरा लाया इधर ला जैसे ही कटोरा देखा नारद ने अपना सर फोड़ लिया बोले बेवकूफ पहले ही बता देता तो मैं तुझे गे को लेकर के आता बोले मतलब क्या है बोलिए बता तुझे कटोरा कहां मिला पुलिस सुबह-सुबह जा रहा था एक शमशान घाट से गुजर है ये कटोरा नहीं आदमी की खोपड़ी है जो मैं लेकर के ए गया हूं इंद्र ने कहा की पागल आदमी दुनिया को भरना आसन है लेकिन आदमी की खोपड़ी को वरना बहुत मुश्किल कम है खोपड़ी क्यों लेकर के ए गया विचार करिए आदमी की खोपड़ी कभी भरने वाली इसलिए तो भगवान ने उल्टी लगा दी है खोपड़ी सीधी रख देता तो वही परेशान हो जाता भर-भर के जनक के उल्टी को एक आदमी है ध्यान रखना

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