जानिए लड़की को लड़की क्यों बोला जाता है? जिनको नहीं पता आज वो भी जान जायेंगे इस वीडियो को देखकर
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कब लड़े हैं सब तुम्हारे घर में बटवारा कब होता है बोलो वो ए जाति है ना एक लड़की किस कहते हैं जो लड़ाई की जो लड़ाई की सॉरी तुम्हारे बड़े में नहीं बोलूंगा विचार करिए रामायण कटे आज तक किसी महिला ने आदमी के लिए लक्ष्मण को पता चला मैंने सुना है की भैया राम बनवास जा रहे हैं 14 वर्ष के लिए मां एक वरदान तू भी मुझे देना वरदान पागल है क्या ये बर्तन मांगे बर्बाद जा रहे हैं तू वरदान मांग रहा है मुझे वरदान चाहिए अभी चाहिए इसी वक्त चाहिए मत मांग बेटा वरदान ये वरदानों का दुष्परिणाम अयोध्या भगत रही है आपसे निवेदन करता हूं किसी को कुछ देने का मां हो तो तुरंत दे देना उधर वाला लफड़ा मत रखना दशरथ तुरंत दे देते तो ये दास नहीं होती उन्होंने कहा तेरे वरदान उधर है उधर वाला भी मारेगा ध्यान रखना उधारी में तो मार डाला पूरा व्यापार तुम्हारा किसी को देने का मां हो तो तुरंत तुरंत ले देव बात अलग करो ज्यादा कर्ज मत रखो किसी का कर्ज फर्ज और मर्ज को हल्का मत समझो कभी अपने जीवन में कर्ज भी बहुत भारी होता है फर्जी भी बहुत भारी होता है और मर्ज बीमारी को कभी हल्का मत समझ इनकी कीमत समझिए दशरथ ने वचन दे के मां वचन दे दुश्मन अचानक ए बेटा बहुत ही हूं कौन मैन नहीं करती है मुझे वरदान दे दे मां क्या बंता है पहले वचन दे दे अभी दे क्या चाहिए बोल रघुकुल रेट सदा चले आई प्राण जाए पर देती हूं तुझे वरदान आज एक छात्र नहीं तो यह वरदान देती है मांग लक्ष्मण क्या मांगता है लक्ष्मण ने सुमित्रा के पर पकड़े बाकी मां मुझे राम के साथ जान का आदेश प्रधान करते हैं मैं 14 वर्ष अपने भैया के साथ बिताऊंगा मैं महलों में नहीं र सकता मुझे आशीर्वाद प्रधान कर ये का रहा है की भैया राम के साथ 14 वर्ष को वनवास जाऊंगा और मां होती तो क्या करती मालूम है तुम्हें देवरानी का बच्चा पिता है ना तो जिठानी दरवाजे बैंड कर लेती है क्या जरूर है तुम्हें जान की जाता है फिर पति तो कहती तुम घर में बैठे थे देवरानी के बच्चे को बचाने को तुम्हारा पति जाए तो तुम रुकते हो बिहार में तुम्हारा भाई पीटना होना तो पति कितना भी रॉक के तुम बैठ करके पीहर जान को तैयार हो जय करती हो कितना भेद है सुमित्रा ने देखा की बनवास की आजा मांग रहा है तुम उसे क्या वरदान मांग रहा है मां 14 वर्ष में भैया के साथ वन में रहूंगा मुझे बनवास दे दे पिता से मांग पिता नहीं देंगे ये तो तेरा हक है मां तू मुझे वनवास दे दे कहते हैं सुमित्रा ने गले से लगाया छाती से लगाया लक्ष्मण के सर पर हाथ रखा की मेरे बेटे आज तूने मेरे दूध की लॉज रख है आज तूने एक मां की भावनाओं की कद आज तूने मुझे कहा बिठा दिया मैं कहां थी और तूने मुझे जगत के लिए आदर्श बना करके रख दिया जान जंगल में जा राम के साथ उनकी परछाई बन करके रहना और एक बात याद रखना मेरे बच्चे राम जब वृक्ष के नीचे सायन करें इतने पर दबाना की जब तक उनको नींद ना आए तो निद्रा नहीं लेना निद्रा का त्याग कर देना जा और भाभी में तो माता सुमित्रा के धन्य होती है वो नारियां जो अपने बच्चों को इस तरह का ज्ञान प्रधान किया करती है ध्यान रखिए परिवार को जोड़ने के सूत्र दिया करती है धन्यवाद
लक्ष्मी उन्हें कहा जाता है इस घर की शोभा सुमित्रा ने पूछा घटना कुछ भी हो लक्ष्मण से पूछो तो मैं क्यों नहीं जा शक्ति हूं उर्मिला ने कहा लक्ष्मण से की स्वामी मैं भी तुम्हारे साथ 14 वर्ष बदमाश चलूंगी एक बात याद रखना साड़ी दुनिया ने सीता के वनवास को याद रखा उर्मिला का वनवास किसी को याद नहीं है ध्यान रखना सीता तो राम के साथ उर्मिला ने तो 14 वर्ष दीप चला चला करके इंतजार में जीवन गुजर है और इस बन में रहकर के वनवासी होना कोई बड़ी बात नहीं है महलों में रहकर के बनवासियों का जीवन गुजरा उर्मिला के बस की बात है उर्मिला ने कहा की मैं भी चलूंगी तुम्हारे साथ मैं क्यों नहीं जा शक्ति हूं चुप इतना से एक आता मुझे भी जान का आदेश तो सुमित्रा ने कहा की लक्ष्मण ने कहा करण तो बताओ की तुम मुझे क्यों नहीं ले जाओगे भाभी छह रही है भैया के साथ मेरी मां के पास दो बहुएं रहेगी हो जाएगी इसलिए मुझे वचन दे की तू जब मैं बनवास चला जाऊं तो मेरी शत्रुघ्न की पत्नी सुमित्रा की सेवा करेगी और लक्ष्मण की पत्नी कौशल्या की सेवा करेगी मेरी बड़ी मां को बहू का अभाव नहीं खटकाना चाहिए मेरी बड़ी मां को ऐसा ना लगे की महल में मैं अकेली हूं जिसकी एक दूसरे के प्रति उर्मिला ने कहा यदि ऐसी बात है तो माता कौशल्या की सेवा उनको भाभी दीदी सीता की कमी महसूस नहीं होने दूंगी
कोई अपने लिए नहीं किया सब दूसरों के लिए जीते रहे सबने एक दूसरे का ख्याल रखा बनवास हो गया नाम तो सीता के साथ लक्ष्मण जैसे भाई को लेकर चले श्रीराम एक बात याद रखना एक चुटकुला एक बार सुनो हंसी आएगी दो बार सुनो अच्छा लगेगा तीसरी बार बड़ा लगेगा एक गाना कर बार सुनो बड़ा लगे लगता है लेकिन राम की रामायण ऐसी है हजारों बार भी सुनो तो अच्छी लगती है हृदय को छुटी है मां को छींकृत किया करती है राम ने एक मनुष्य का जीवन जिया है राम ने एक मानवता का जीवन जिया है ध्यान रखना राम का जीवन दो शब्द हैं राम राम कहो आराम मिलेगा राम शब्द कोई अलग नहीं है कौन कहता है की जान के नाम नहीं है कौन कहता है हिंदुओं के महावीर नहीं है सब है यदि नहीं है तो आज इस पंडाल में सब एक साथ क्यों बैठे हैं मेरे भाई सूरत का इतिहास है सूरत का गौरव है की मैं पलक सागर लोग मुझे ज्ञानी कहते हैं मैं सब कुछ जानता हूं लेकिन सूरत में आके में अज्ञानी हो गया हूं मुझे कुछ नहीं आता है मेरा ज्ञान सुनने हो गया है यदि कोई खड़ा होकर मुझे सभा में पूछ ले की महाराज बड़े विद्वान हो जरा ये बताओ की सभा में जैन कौन है अजय कौन है तो शायद मैं पलक सागर नहीं बता पाऊंगा की चैन कौन है वो राजेंद्र कौन है और यही भारत हिंदुस्तान को है जी दिन मेरा भारत ऐसा हो जाएगा उसे दिन ये भारत साड़ी दुनिया पर हुकूमत करने की ताकत रखें नहीं होना चाहिए
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