आमंत्रण है भारत गौरव का जिनशरणं पंचकल्याणक में

 आमंत्रण है भारत गौरव का जिनशरणं पंचकल्याणक में


भारत गौरव आचार्यश्री पुलक सागर जी गुरुवर दे रहे है आप सभी को जिनशरणं तीर्थ पर पधारने का मंगल आमंत्रण यहाँ 17 फरवरी से 22 फरवरी तक बहुत ही भव्य पंचकल्याणक होने जा रहा है आमंत्रण है भारत गौरव का जिनशरणं पंचकल्याणक का चलो करें अब तीर्थ वंदना अवसर बड़ा महान रे आईए सभी जिनशरणं तीर्थ पंचकल्याणक मे आपका स्वागत है आप सभी कमेटी से संपर्क करके आज ही अपना रेजिस्ट्रैशन करा लेवें ताकि आप सभी की उचित व्यवस्था करा सकें

साड़ी दुनिया डूकोला हाल से दूर निर्जन स्थान महाराष्ट्र की पवन भूमि और यहां पर यहां दूर-दूर तक कोई दिखाई नहीं देता हरियाली ही हरियाली से भारत हुआ प्राकृतिक सौंदर्य से युक्त यहां कब आता है इस स्थान की ऊर्जा अन्य स्थान से थोड़ी भिन्न है पता नहीं क्यों यहां कुछ दिव्यता का अनुभव होता है कप वृक्ष से प्राकृतिक रूप से जहां प्रकट हुआ है पंचवटी वृक्ष यहां पर है पांच वृक्ष एक साथ किल रहे हैं पाल रहे हैं पक्षियों का कलरव है सौंदर्य वातावरण है सचमुच मां को आध्यात्मिक एचएस से भर दिया करती यहां पर जो जिन शरण तीर्थ का सृजन कल चल रहा है सृजन कल जो पूर्णता की और है मेरा सौभाग्य की यहां पर स्पीड को बनाने में हम अपने निमित्त बने प्रेरक निमित्त बने इस निर्जन स्थान पर मंदिर बनाना समझना हूं की यहां दूर-दूर से लोग आएंगे लोग कहते हैं की इतनी दूर एकांत में दो जंगल में कौन आएगा इस चीज के दर्शन करने को मेरा मां कहता है की सब आएंगे इतने लोग आएंगे इतनी संख्या में लोग आएंगे रस नहीं 31 धाम बन जाएगा यहां पर देश में तीर्थंकर भगवान पारसनाथ अष्टधातु की प्रथम यहां पर विराजमान होगी गजरात मंदिर का भाव निर्माण 108 फिट ऊंचा शिखर जहां पर निर्मित हो रहा है और 17 फरवरी से 22 फरवरी 2024 को जिसकी सर प्रशिक्षित कल्याण पूर्ण होने जाएंगे अब ये गांव गांव नहीं रहेगा उपलक्ष्य एक छोटा सा गांव है आदिवासियों की बस्ती है लेकिन अब ऐसा लगता है की अभी पूरे आदिवासी लोग इस गांव के और चोर आसपास के आंचल के लोग अब भगवान पारसनाथ के संरक्षण में सदैव रहेंगे भगवान पारसनाथ का आभामंडल इन सब के जीवन का पोषण करेगा यह मोक्षदाई स्थान बनेगा ऐसी मेरी आत्मा से यहां सबसे ज्यादा बरसात होती है अभी तक बरसात खेतों पर होती थी अभी तक बरसात झुग्गी झोपड़िया पर होती थी तब बरसात भगवान के मस्तक पर होगी वह बरसात आने वाली साड़ी और सदियों के लिए गांधोड़क बैंड करके लोगों का प्राण संचार करेगा


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