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माता-पिता, गुरु और निर्भय जीवन का अमूल्य संदेश

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 क्यों कहा गया वर्धमान को "महावीर"?   🌸 एक ऐसी कथा जो केवल भगवान महावीर की नहीं, हमारी भी है... जब भी हम भगवान महावीर का नाम सुनते हैं, हमारे मन में एक तपस्वी, अहिंसा के पुजारी और मोक्षमार्ग के महान मार्गदर्शक की छवि उभरती है। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बालक वर्धमान "महावीर" कैसे बने? आचार्य श्री पुलक सागर जी महाराज ने इस दिव्य कथा में केवल भगवान महावीर के जीवन की घटनाएँ ही नहीं सुनाईं, बल्कि जीवन के ऐसे सूत्र दिए जो हर व्यक्ति को महान बना सकते हैं। "महावीर कथा केवल महावीर की कथा नहीं है, यह हम सबकी कथा है।" 🌱 जन्म लेना पर्याप्त नहीं, जन्म को सार्थक बनाना आवश्यक है आचार्य श्री बताते हैं कि इस संसार में चाहे कोई कितना भी महान क्यों न हो, उसे मां की कोख से ही जन्म लेना पड़ता है। भगवान राम कौशल्या की कोख से आए। भगवान कृष्ण देवकी की कोख से आए। भगवान महावीर माता त्रिशला की कोख से आए। लेकिन मनुष्य जीवन की सफलता केवल जन्म लेने में नहीं है। उन्होंने एक सुंदर उदाहरण दिया— 🌺 कमल और कीचड़ कमल की नियति कीचड़ में जन्म लेना है, लेकिन उसकी न...